सोमवार, 21 जुलाई 2008
हिन्दी 2050
हिन्दी ( उर्दु ) 2050 तक अंतर्राष्ट्रीय भाषा होगी । एक अनुमान के अनुसार 2050 तक हिन्दी बोलने वालों की संख्या 2 बिलियन पार कर जायेगी । इसके पीछे कई मौलिक कारण हैं । मसलन भारत की जन्संख्या 1.6 बिलियन के पार होगी । इनमे से 95 फीसदी जन्संख्या हिन्दी बोलने वालों की होगी । 50 फीसदी की मौलिक भाषा होगी तथा 45 फीसदी की द्वीतीय भाषा होगी । इसी तरह पाकिस्तान तथा बांग्लादेश की कुल जंसंख्या 600 मिलीयन से ज्यादा होगी । इनमे से 5 फीसदी की मौलिक तथा 75 फीसदी की द्वितीय भाषा होगी । इस तरह भारतीय उपमहाद्वीप मे हिंदी ( उर्दु ) बोलने वालों की संख्या 1.9 बिलीयन के आसपास होगी । इसके अलावा फिजी, नेपाल, लंका, सऊदी अरब, मारिसस, सूरीनाम आदि देशों मे अच्छी संख्या मे हिंदी बोलने वाले होंगे ।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)